Tuesday, March 8, 2011

रुक से गए है चलते कदम क्यों

रुक से गए है चलते कदम क्यों, क्यों येः फिजा महकी है,

बदला सा गया हु में थोडा थोडा, क्या तू भी थोड़ी बदली है,
मैंने तो कुछ माँगा कभी , क्यों फिर तेरी चाहत होती है,


सुना है, सुनता है वों हर सचे दिल की दुआ, सभी,
चलो कर लेते है हम भी इबादत, देखे हुम्हारी दुआ कितनी सची है,

रुक से गए है चलते कदम क्यों, क्यों येः फिजा महकी है,

Saturday, January 1, 2011

चलो इस साल कुछ नया करता हु

क्या मांगू नया, ऐसा कुछ भी तो नहीं जो मैंने पहेले माँगा नहीं,
क्या लिखू नया, ऐसा कुछ भी तो नहीं जो मैंने पहेले लिखा नहीं,
चलो आज कुछ नया करता हु,
कुछ मांगता नहीं, कुछ देने की कोशिश करता हु,
कुछ नया लिखता नहीं, कुछ नया करने की कोशिश करता हु,
चलो येः साल में अपने लिए नहीं, अपनों के लिए जीने की कोशिश करता हु,
चलो इस साल में कुछ नया करता हु