Monday, December 29, 2008

कल रात .......

कल रात फिर वो मेरे सपनो में आई,
कल रात फिर उसने अपनी पायल की छन छन से मेरी नींद उडाई,

फिर उसने अपनी जुल्फों को मेरे चहरे पर लहराया,
फिर उसने मेरी हथेली पर अपनी तस्वीर बनाई,

फिर उसने मुझसे दुबारा मिलने का वादा किया,
और अगले पल वो ख्वाबो से ओझल नज़र आई,

कल रात फिर वो मेरे सपनो में आई,
कल रात भी वो सिर्फ़ सपनो में नज़र आई।

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