Sunday, February 8, 2009

अपनी एक अलग पहचान बना ली.....



जहा
पड़े कदम वाही अपनी दुनिया बना ली,
कदम से कदम मिला कर हमने अपनी राह बना ली,
मंजिले तो सबको दे देती है पहचान,
पर हमने राह को ही अपनी पहचान बना ली,
थोडा सीख लिया दुनिया से और थोडी हमने अपनी सोच बना ली,
कुछ सीखा दिया ज़िन्दगी ने मुस्कुराना और कुछ
हसीं यादें हमने बना ली,
बस युही हमने अपनी एक अलग पहचान बना ली।


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