हर पल करू में क्यो ख्याल तेरा,
की इतनी तो अपनी मोहबत नही।
आयोगे जो तुम कभी अंजुमन में,
की खामोशियों में भी आवाज़ होगी।
तेरे सिवा कुछ ना चाहे येः दिल मेरा अब,
की तुझसे ही दिन होगा, तुझसे ही रात होगी।
बिन तेरे करू ज़िन्दगी से समझोता,
की इतनी तो हमें ज़िन्दगी से मोहबत नही।
की इतनी तो अपनी मोहबत नही।
आयोगे जो तुम कभी अंजुमन में,
की खामोशियों में भी आवाज़ होगी।
तेरे सिवा कुछ ना चाहे येः दिल मेरा अब,
की तुझसे ही दिन होगा, तुझसे ही रात होगी।
बिन तेरे करू ज़िन्दगी से समझोता,
की इतनी तो हमें ज़िन्दगी से मोहबत नही।
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