नही समझता यहाँ कोई दिल के रिश्तो को,
यहाँ सिर्फ़ रिश्तो की नुमाइश होती है,
लगती है हर जज़्बात की बोली,
जिसकी कीमत सिर्फ़ आसुयो से अदा होती है ।
यहाँ सिर्फ़ रिश्तो की नुमाइश होती है,
लगती है हर जज़्बात की बोली,
जिसकी कीमत सिर्फ़ आसुयो से अदा होती है ।
1 comment:
Tumhara khoi jab nahi Mr Anuj............. I like admire your kavita's.
Post a Comment