Friday, October 10, 2008

Being in Love


ख्वाबो ने पलकों पर रहना बंद कर दिया,
शायद उन्हें कोई चेहरा मिल गया,

साया भी अब हमसे बेवफा हो गया,
शायद उसने उनकी रुहू को छु लिया,

हथेली ने जो छुया उनके उन्स को,
लकीरों ने बदलना छोड़ दिया,

गम ने भी बदल लिया रास्ता अपना,
की मेरे घर में अब उसका एहसास रहने लगा,

तनहा रातो में तारो से लड़ने लगा,
अब में चाँद से उनकी शिफारिश करने लगा,

बदल गया सब जादू सा क्या चला,
शायद प्यार होने लगा,

हां शायद मुझे प्यार होने लगा,
उनसे प्यार होने लगा