Thursday, October 2, 2008

क्यो दूर हो मुझसे......

क्यो दूर हो मुझसे,
क्यो मुझे तड़पाती हो,

अपनी खूबसूरती पर गुरुर है,
या मेरे प्यार को आजमाती हो,

मोहबत की है तुमसे मोहबत से जादा,
एक-एक अदा से मेरी जान जलाती हो,

दीवाने है तेरे,
आशिक है तेरे,

नही है कोई चाहत की बात,
तो क्यो बातो से दिल बहलाती हो,

रहती हो हर पल धड़कन में,
साँसों में तुम समाती हो,

दूर हो मुझसे पर हर लम्हा साँस बनकर,
दिल तक पहुच ही जाती हो

1 comment:

Few Thoughts by Anjali said...

pyaar ko aajma sake aisa koi hua nahi,
is ehsaas ko samjhe bahut kam ko hai dekha,
rab me ho aastha aur khud pe ho vishwaas,
toh kuch paane se aapko koi rok nahi sakta....