आखों से खवाबो के पंछी जो उडी कभी घरोंदे में वापस ना आये,
आये कितने परिंदे बनाने आशियाना अपना पर खवाब कभी वापस ना आये,
घर तो बना लिया हमने अपना पर फिर वो घरोंदा ना बना पाए.
आये कितने परिंदे बनाने आशियाना अपना पर खवाब कभी वापस ना आये,
घर तो बना लिया हमने अपना पर फिर वो घरोंदा ना बना पाए.
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